🇮🇳 ऑपरेशन सिनदूर: लोकसभा बहस के 4 सबसे तीखे वीडियो मोमेंट्स
परिचय
भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बीच ऑपरेशन सिनदूर एक निर्णायक सैन्य अभियान था जिसे भारत ने पहालगाम आतंक हमले के तुरंत बाद अंजाम दिया। इस ऑपरेशन को लेकर संसद में लंबी एवं तीखी बहस हुई जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, गोरव गोगोई और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं ने अपनी बात कही।
नीचे चार ऐसे मुख्य वीडियो क्षणों का सारांश प्रस्तुत है, जिसने इस बहस की धार को तय किया:
1. राहुल गांधी का अचानक उठना – “तो आपने रोके क्यों?”
जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग की और DGMO से बातचीत में कहा गया, “अब कार्रवाई रोक दीजिए” — राहुल गांधी तुरंत अपनी सीट से उठ खड़े हुए और प्रश्न पूछा:
- राहुल गांधी: “तो आपने रोके क्यों?”
- राजनाथ सिंह ने संकेत दिया कि बैठ जाइए, आगे बताते हैं।
यह क्षण दर्शाता है विरोध और सरकार के बीच तीव्र संवाद और असहजता, जहां विपक्ष सीधे सवाल पूछने पर मजबूर हुआ। (hindi.moneycontrol.com)
2. ललन सिंह का विवादित बयान: आतंकियों को ‘शहीद’ और मसूद अजहर को ‘साहब’ कहा
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने लोकसभा में कहा:
- “हमने 9 आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया… सैकड़ों आतंकवादी मारे और शहीद हो गए… मसूद अजहर ‘साहब’, हाफिज सईद…”
इन शब्दों को लेकर सोशल मीडिया और विपक्ष दोनों ने तीखा विरोध जताया। ‘शहीद’ शब्द और ‘साहब’ संबोधन ने राजनीतिक बहस में नया मोड़ लाया। (The Times of India, www.ndtv.com)
3. गोरव गोगोई का तेज हमला – “बुज़दिल सरकार”
गोरव गोगोई, कांग्रेस के डिप्टी लीडर लोकसभा, ने सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए ‘बुज़दिल सरकार’ कहा और पूछा:
- “पहलगाम में आतंकी कैसे आए? 100 दिन बीत गए और सवालों का जवाब नहीं मिला?”
- उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस मामले में पारदर्शी व्यवहार नहीं किया।
गोगोई ने विशेष रूप से पूछे:
- आतंकियों ने सैनिक वर्दी कैसे पहन ली?
- कितने पैसेंजर मारे गए और इस स्थिति पर क्या ऐक्टन लिया गया?
उनके सवालों में देश की सुरक्षा व्यवस्था पर विश्वासघात की भावना स्पष्ट थी। (The Economic Times, The Times of India)
4. राजनाथ सिंह का जवाब – “हम हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे”
सभा बीच में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा:
- “आज हम सत्ता में हैं, लेकिन हमेशा नहीं रहेंगे… अगर दुश्मर की नींद टूटे, ऑपरेशन फिर से शुरू होगा।”
इस पर संसद में और खासकर सरकार के समर्थक दलों में हल्की मुस्कानें बिखर गईं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि:
- ऑपरेशन सिनदूर पूर्ण रूप से सफल था,
- कोई महत्वपूर्ण रक्षा संपत्ति नहीं नष्ट हुई,
- आतंकवादियों को भारी क्षति पहुंचाई गई,
- और ऑपरेशन में किसी नागरिक को नुकसान न हुआ।
उन्होंने विपक्ष द्वारा विमानों के नुकसान पर उठाए गए प्रश्नों को ‘छोटे सवाल’ बताते हुए चेतावनी दी कि हमें बड़े मुद्दों—जैसे आतंक बुनियादों का नाश—पर ध्यान देना चाहिए। (The Indian Express, hindi.moneycontrol.com)
🧭 राजनीतिक, सामरिक और सामाजिक विश्लेषण
✔️ [i] भारत की सैन्य नीति कितनी प्रभावी?
- ऑपरेशन सिनदूर अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंक हमले (जहाँ 22 नागरिक मारे गए थे) के जवाब में शुरू हुआ। भारत ने चुनिंदा और निरंतर मिशन चुना जो पाकिस्तानी आतंक ठिकानों को निशाना बनाए, जबकि आम नागरिकों को सुरक्षित रखा। (Wikipedia, The Economic Times)
- रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन को धक्के में रोकना नहीं था, बल्कि लक्ष्यों की पूर्ति के बाद समान्य स्थिति बनाने के लिए बंद किया गया था। (The Indian Express, The Times of India)
- उन्होंने यह भी कहा कि कोई भारतीय सेना की महत्वपूर्ण संपत्ति प्रभावित नहीं हुई और पाकिस्तान के कई ठिकानों को गहरी चोट पहुँची। (Firstpost)
✔️ [ii] विपक्ष की चिंता: सुरक्षा और जवाबदेही
- गोरव गोगोई जैसे नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि आतंकियों की घुसपैठ स्पष्ट नहीं की गई, जिससे यह विश्वास टूटता है कि हमारी सीमाओं की निगरानी कैसी है। (The Economic Times, The Times of India)
- सवाल थे:
- आतंकियों ने सैनिक वर्दी पहनकर क्यों घुसपैठ की?
- क्या हवाई सुरक्षा व्यवस्था विफल रही?
- क्या देश की खुफिया एजेंसियों ने पर्याप्त अलर्ट जारी नहीं किया?
- यह चिट्ठाचिंतन बताता है कि विपक्ष ऑपरेशन की रणनीति से अधिक सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर विश्वास करना चाहता है।
✔️ [iii] दृष्टिकोण: सरकार बनाम विपक्ष
| पक्ष | दृष्टिकोण |
|---|---|
| सरकार | ऑपरेशन को सफल, सटीक और आतंक हठाने वाला एजेंडा मानती है; आलोचना को ‘छोटी बात’ और ‘बेशूर’ बताती है। |
| विपक्ष | सवालों के माध्यम से सुरक्षितता, पारदर्शिता, रणनीतिक नियोजन और सीमाओं की सुरक्षा जाँचना चाहता है। |
राजनाथ सिंह ने सफाई दी कि वे “बड़े मुद्दों पर फोकस करें, जैसे आतंक ठिकानों का नाश”, न कि विमानों के क्षतिग्रस्त हो जाने पर। (The Economic Times)
🔍 घटनाक्रम की रूपरेखा
- 22 अप्रैल 2025: पहलगाम में आतंकी हमला, 22 नागरिकों की मौत
- 7 मई 2025: भारत ने ऑपरेशन सिनदूर शुरू — 9 आतंक ठिकानों पर लक्षित हमले। (Wikipedia)
- 10 मई 2025: पाकिस्तानी DGMO ने सीजफायर का अनुरोध किया; भारत ने मिशन को रोक दिया। (The Indian Express, The Times of India)
- 28 जुलाई 2025: लोकसभा में 16 घंटे की बहस शुरू, जिसमें रक्षा मंत्री, विपक्ष और अन्य नेताओं ने भाग लिया। (Navbharat Times)
✅ निष्कर्ष
- वीडियो मोमेंट्स ने न केवल राजनीतिक आक्रोश दिखाया, बल्कि सवाल उठाए कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था कितनी सक्षम है।
- राजनाथ सिंह ने इसे देश की निर्णयात्मक शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
- विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और गोरव गोगोई, ने इस बहस को रणनीतिक संचालन से बढ़कर सुरक्षा समज़ और जवाबदेही तक ले जाने का प्रयास किया।
- यह बहस सिर्फ शोरशी राजनीति नहीं, बल्कि जनहित, पारदर्शिता और गृह सुरक्षा पर आधारित एक गंभीर संवाद थी।










